October 6, 2026

डॉ. यूनुस चौधरी के जनसंपर्क अभियान को मिल रहा समर्थन, सर्वारखेड़ा में ग्रामीणों ने बताईं समस्याएं

रिपोर्ट-इकरार हुसैन

काशीपुर, 5 अक्टूबर। उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक हुनर परिषद के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. यूनुस चौधरी का क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान लगातार तेज हो रहा है। सोमवार को सर्वारखेड़ा मंडी के समीप गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से उन्हें अवगत कराया और विकास कार्यों को गति देने की मांग रखी। स्वागत कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की सड़क की समस्या प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों का कहना था

कि सड़क की स्थिति खराब होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सड़क निर्माण एवं सुधार की दिशा में पहल किए जाने की मांग करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी आवाज संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई जाएगी। ग्रामीणों से संवाद करते हुए डॉ. यूनुस चौधरी ने कहा कि क्षेत्र की जनता से मिलने वाले सुझाव और समस्याएं उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक हुनर परिषद का उद्देश्य प्रदेश के हुनरमंद लोगों को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है। उन्होंने कहा कि समाज में बड़ी संख्या में ऐसे युवा और लोग मौजूद हैं, जिनके पास पारंपरिक एवं आधुनिक दोनों प्रकार के हुनर हैं, लेकिन उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव के अभाव में उनकी प्रतिभा रोजगार का माध्यम नहीं बन पाती। ऐसे लोगों को चिन्हित कर प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

डॉ. यूनुस चौधरी ने कहा कि हुनर को सिर्फ पहचान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना जरूरी है। उनका प्रयास रहेगा कि जरूरतमंद और हुनरमंद लोगों की समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाए तथा उन्हें उपलब्ध अवसरों की जानकारी मिले। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं की सार्थकता तभी है जब उनका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और हुनर को बाजार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण, मार्गदर्शन तथा स्वरोजगार के अवसरों पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

डॉ. यूनुस चौधरी के लगातार हो रहे स्वागत कार्यक्रमों को लेकर क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हैं। खासकर अल्पसंख्यक समाज के बीच लगातार संवाद और जनसंपर्क को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के राजनीतिक परिदृश्य से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि चुनाव अभी दूर है और किसी भी स्वागत कार्यक्रम को सीधे राजनीतिक समर्थन का पैमाना मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन लगातार बढ़ती जनसक्रियता ने क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं को जरूर हवा दी है। सर्वारखेड़ा में भी स्वागत के साथ ग्रामीणों द्वारा सड़क और विकास का मुद्दा उठाया जाना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि क्षेत्र की जनता अब जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक चेहरों से स्थानीय समस्याओं के समाधान की उम्मीद भी कर रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नई जिम्मेदारी के साथ डॉ. यूनुस चौधरी का जनसंपर्क अभियान आगे किस दिशा में बढ़ता है और हुनरमंदों को रोजगार से जोड़ने के साथ क्षेत्रीय जनसमस्याओं के समाधान के लिए उनकी भूमिका कितनी प्रभावी साबित होती है। स्वागत करने वालों में दिलशाद चौधरी, राहत चौधरी, पूर्व ग्राम प्रधान समीम चौधरी, शमशेर अली, फुरकान अली, इकरार हुसैन, रिजवान हुसैन, के अलावा तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।