October 27, 2026

मुरादाबाद: मनोज ठाकुर को मिला प्रतिष्ठित चाणक्य सम्मान, शिक्षा व समाज सेवा में योगदान की सराहना

रिपोर्ट-इकरार हुसैन

मुरादाबाद। ‘तमस के पार, अनंत-ज्योति की ओर’ के ध्येय वाक्य के साथ आगे बढ़ रहे ‘पढ़ेगा भारत, बढ़ेगा भारत’ अभियान के अंतर्गत एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले मनोज ठाकुर को प्रतिष्ठित चाणक्य सम्मान से अलंकृत किया गया। इस सम्मान के माध्यम से उनके सामाजिक सरोकारों, शैक्षिक जागरूकता के प्रयासों और समाज के प्रति समर्पित भाव से किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई।

समारोह का वातावरण उत्साह, सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने मनोज ठाकुर के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा लोगों को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने वाले प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि मनोज ठाकुर जैसे समर्पित व्यक्तियों का योगदान समाज में ज्ञान, जागरूकता और सेवा की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अतिथियों ने ‘पढ़ेगा भारत, बढ़ेगा भारत’ अभियान के उद्देश्य की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के प्रसार से ही एक जागरूक, सशक्त और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है।

अभियान का ध्येय वाक्य ‘तमस के पार, अनंत-ज्योति की ओर’ अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देता है। ऐसे अभियान समाज में शिक्षा के महत्व को स्थापित करने के साथ-साथ लोगों को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए भी प्रेरित करते हैं। चाणक्य सम्मान प्राप्त करने के बाद मनोज ठाकुर ने आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को और अधिक निष्ठा के साथ निभाने की प्रेरणा भी है। उन्होंने शिक्षा के विस्तार, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में निरंतर समर्पित भाव से योगदान देने का संकल्प दोहराया।
मनोज ठाकुर ने इस बात पर भी बल दिया कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

प्रत्येक व्यक्ति तक ज्ञान और जागरूकता का प्रकाश पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज के सहयोग और सहभागिता से शिक्षा एवं सामाजिक विकास से जुड़े प्रयासों को नई दिशा और गति प्रदान की जा सकती है।
समारोह में चाणक्य सम्मान प्रदान किए जाने को शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के प्रति प्रोत्साहन के रूप में देखा गया। कार्यक्रम ने शिक्षा के महत्व, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को एक बार फिर रेखांकित किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमामय समापन हुआ।