September 30, 2026

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दशकों तक कांग्रेस संगठन और जनसेवा से जुड़े रहे हकीम रईस अहमद ने 23 सितंबर को ली अंतिम सांस

रिपोर्ट-इकरार हुसैन

काशीपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पूर्व सांसद प्रतिनिधि हकीम रईस अहमद साहब का 23 सितंबर 2026 को बीमारी के चलते उनके निवास स्थान पर इंतकाल हो गया। उनके निधन की खबर से परिवार, रिश्तेदारों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है। हकीम रईस अहमद वर्ष 1970 से कांग्रेस संगठन और जनसेवा से जुड़े रहे। लंबे राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी से लेकर जिला कांग्रेस कमेटी तक संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। कांग्रेस संगठन के प्रति उनकी सक्रियता और क्षेत्र के लोगों से निरंतर जुड़ाव उनकी राजनीतिक एवं सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। उनके राजनीतिक जीवन में वर्ष 2009 महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। उस समय उधम सिंह नगर-नैनीताल लोकसभा क्षेत्र के सांसद के.सी. सिंह बाबा ने उन्हें काशीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया था।

सांसद प्रतिनिधि की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने क्षेत्र के लोगों से संपर्क बनाए रखा और जनसमस्याओं एवं सामाजिक मुद्दों को सामने रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। लंबे समय तक कांग्रेस संगठन और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हकीम रईस अहमद को उनके परिचित सरल स्वभाव, मिलनसार व्यवहार और सामाजिक सरोकारों के लिए याद कर रहे हैं। उनके निधन से कांग्रेस संगठन ने एक पुराने कार्यकर्ता को खो दिया, वहीं परिवार और करीबियों ने अपना एक मजबूत सहारा खोया है।
बेटे अली अकबर ने कहा—पिता की सीख हमेशा साथ रहेगी
मरहूम हकीम रईस अहमद के बड़े बेटे एवं काशी क्रांति के संपादक अली अकबर ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उनके वालिद उनके लिए सिर्फ पिता ही नहीं, बल्कि जीवन में मार्गदर्शन देने वाली सबसे बड़ी शख्सियत थे। उन्होंने कहा कि पिता से मिली समाज के प्रति जिम्मेदारी, लोगों की आवाज उठाने और जरूरतमंदों के साथ खड़े रहने की सीख हमेशा उनके साथ रहेगी। अली अकबर ने कहा कि उनके पिता ने अपने जीवन का एक लंबा समय संगठन और समाज की सेवा में लगाया। लोगों से उनका जुड़ाव और मिलनसार व्यवहार हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने अपने पिता के चाहने वालों और क्षेत्रवासियों से उनकी मगफिरत के लिए दुआ करने की अपील की। परिवार और शुभचिंतकों ने मरहूम हकीम रईस अहमद साहब के लिए दुआ-ए-मगफिरत की अपील की है। अल्लाह तआला मरहूम हकीम रईस अहमद साहब की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। उनके परिवार और तमाम चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।